छत्तीसगढ़

5 श्रमिकों की मौत मामला: रियल इस्पात एंड एनर्जी प्लांट को नियमों के उल्लंघन पर नोटिस

Shantanu Roy
30 Jan 2026 9:41 PM IST
5 श्रमिकों की मौत मामला: रियल इस्पात एंड एनर्जी प्लांट को नियमों के उल्लंघन पर नोटिस
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Raipur. रायपुर। तहसील भाटापारा अंतर्गत ग्राम बकुलाही स्थित मेसर्स रियल इस्पात एण्ड एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के कारखाना परिसर में 22 जनवरी 2026 को हुई भीषण औद्योगिक दुर्घटना के मामले में प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। इस हादसे में 5 श्रमिकों की मौत और कई के गंभीर रूप से घायल होने के बाद कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर गठित संयुक्त जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर कारखाना प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस का जवाब कारखाना प्रबंधन को एक सप्ताह के भीतर देना होगा। सहायक संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा द्वारा जारी आदेश के अनुसार जांच में यह सामने आया है कि कारखाना प्रबंधन द्वारा कारखाना अधिनियम 1948 और छत्तीसगढ़ कारखाना नियमावली 1962 के कई महत्वपूर्ण प्रावधानों का उल्लंघन किया गया।

जांच रिपोर्ट में बताया गया कि किल्न क्रमांक-01 को शटडाउन किए बिना उसका संचालन जारी रखा गया और श्रमिकों से खतरनाक परिस्थितियों में कार्य करवाया गया, जिससे उनके जीवन को गंभीर खतरे में डाला गया। जांच में यह भी पाया गया कि किल्न क्रमांक-01 के डस्ट सेटलिंग चेंबर में जमे हुए गर्म ऐश को वेट स्क्रैपर में गिराने के दौरान न तो उचित कार्य अनुमति जारी की गई और न ही सुरक्षा मानकों का पालन किया गया। विशेष रूप से नवनियुक्त श्रमिकों को बिना किसी वैध अनुमति के अत्यंत खतरनाक कार्यस्थल में लगाया गया, जो प्रबंधन की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। इसके अलावा कारखाना प्रबंधन द्वारा जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र से वाणिज्यिक उत्पादन की अनुमति भी नहीं ली गई थी, जो उद्योग नीति के विरुद्ध है।

न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 के तहत श्रमिकों को वेतन भुगतान और अन्य सुविधाओं से संबंधित आवश्यक पंजी भी संधारित नहीं किए गए। वहीं संविदा श्रमिक अधिनियम 1970 के अंतर्गत 20 से अधिक श्रमिकों के नियोजन के बावजूद ठेका श्रमिक अनुज्ञप्ति नहीं ली गई, जबकि कारखाने में दो ठेकेदारों के माध्यम से 100 से अधिक श्रमिक कार्यरत थे। जांच में यह भी सामने आया कि अंतराज्यीय प्रवासी श्रमिक अधिनियम 1979 के तहत आवश्यक अनुज्ञप्ति लिए बिना अन्य राज्यों के श्रमिकों से कार्य कराया जा रहा था। हादसे के बाद कारखाना प्रबंधन द्वारा मृत 5 श्रमिकों के परिजनों को 20-20 लाख रुपये और 6 घायल श्रमिकों को 5-5 लाख रुपये मुआवजा राशि का भुगतान किया गया है। घायलों का उपचार बिलासपुर में जारी है। गौरतलब है कि 22 जनवरी 2026 को सुबह करीब 9:40 बजे किल्न क्रमांक-01 के डस्ट सेटलिंग चेंबर में अचानक विस्फोट और गर्म ऐश की बौछार से यह हादसा हुआ था। प्रारंभिक जांच के बाद कारखाना अधिनियम की धारा 40(2) के तहत किल्न क्रमांक-01 के संचालन और सभी मेंटेनेंस कार्यों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
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